Simdega Big News: सिमडेगा जिले की पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन "पीएलएफआई" (PLFI) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि यह गिरफ्तारी जलडेगा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी आगजनी और लेवी (रंगदारी) मांगने की घटना से जुड़ी हुई है. इस सफलता से क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गुटों की कमर टूट गई है.
कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप में की थी आगजनी
घटना की पृष्ठभूमि साझा करते हुए एसपी ने बताया कि जलडेगा थाना क्षेत्र के "लचड़ागढ़ से ओड़गा" तक सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है. यहां कार्यरत कंस्ट्रक्शन कंपनी "एसआरएमवी" के अस्थायी कैंप में 25 जनवरी की रात अज्ञात उग्रवादियों ने धावा बोला था. हमलावरों ने वहां खड़े वाहनों और मशीनों को आग के हवाले कर दिया था. दहशत फैलाने के लिए मौके पर प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के नाम से पोस्टर भी चिपकाए गए थे, जिनमें लेवी की मांग की गई थी.
एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम
वारदात के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू की. एसपी के कड़े निर्देश पर एसडीपीओ बैजू उरांव के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया. सघन छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को धर दबोचा. जांच में पुष्टि हुई है कि इनमें से "05 आरोपियों का सीधा संबंध" सक्रिय उग्रवादी संगठन पीएलएफआई से है.
न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी आरोपी
गिरफ्तार किए गए सभी उग्रवादियों को आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब इन आरोपियों के पास से बरामद किए गए अन्य सुरागों पर काम कर रही है ताकि संगठन के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके. इस कार्रवाई से स्थानीय ठेकेदारों और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है. पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्यों में बाधा डालने वाले किसी भी उग्रवादी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा.