Hazaribagh Breaking: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नकली "टाटा डीईएफ" (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड) यूरिया के अवैध व्यापार पर बड़ी स्ट्राइक की है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक ऐसे प्रतिष्ठान पर छापा मारा जहां बिना किसी बोर्ड या पहचान के यह गोरखधंधा संचालित किया जा रहा था. इस कार्रवाई से इलाके के अन्य अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
टाटा मोटर्स के लेबल का अवैध उपयोग
पुलिस टीम ने पूरी योजना के साथ जब संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां भारी मात्रा में "टाटा डीईएफ यूरिया" के डिब्बे और स्टॉक बरामद किए गए. जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों द्वारा उत्पादों पर "टाटा मोटर्स" के ब्रांड लेबल का अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था. प्रारंभिक अनुसंधान से पता चला है कि यह गिरोह घटिया और नकली यूरिया को असली बताकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहा था, जिससे न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी हो रही थी बल्कि प्रसिद्ध कंपनी की साख को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था.
बिना नाम के ठिकाने से चल रहा था खेल
जिस स्थान पर यह छापेमारी की गई, वहां किसी भी प्रकार का आधिकारिक नाम या बोर्ड नहीं लगाया गया था. पुलिस के अनुसार "यह अवैध गतिविधि को प्रशासन की नजरों से छिपाने की एक सोची समझी कोशिश थी." आरोपियों ने स्थानीय बाजार में अपनी पकड़ बना ली थी और वे बड़े पैमाने पर इस नकली तरल पदार्थ की सप्लाई कर रहे थे. पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस जालसाजी के तार किन अन्य शहरों और वितरकों से जुड़े हुए हैं.
वाहन चालकों को पुलिस की विशेष सलाह
इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर भारी वाहन चालकों से सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "वाहन मालिक केवल अधिकृत डीलरों से ही डीईएफ यूरिया उत्पाद खरीदें," क्योंकि नकली यूरिया के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है ताकि इस तरह के आर्थिक अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.