Palamu: नावाबाजार थाना क्षेत्र के तुकबेरा गांव में शुक्रवार रात बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान एक मिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय नागेंद्र पासवान के रूप में हुई है।
आंधी-बारिश के बाद ठप हुई थी बिजली आपूर्ति
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण पाटन मोड़ के समीप 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके चलते तुकबेरा-पाटन सहित आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई थी। बिजली बहाल करने के लिए नागेंद्र पासवान को मरम्मत कार्य में लगाया गया था।
शटडाउन के बावजूद अचानक आया करंट
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले संबंधित ग्रिड से शटडाउन लिया गया था, ताकि लाइन में बिजली प्रवाह पूरी तरह बंद रहे। हालांकि, काम के दौरान अचानक स्थिति बदल गई। आशंका जताई जा रही है कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली गिरने के कारण लाइन में अचानक करंट दौड़ गया, जिससे नागेंद्र इसकी चपेट में आ गए।
तेज झटके से खंभे से गिरे, गंभीर चोटें आईं
करंट लगते ही नागेंद्र को जोरदार झटका लगा और वे अपना संतुलन खो बैठे। इसके बाद वे ऊंचे बिजली के खंभे से नीचे गिर पड़े। गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही अचेत हो गए। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए नागेंद्र को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार पर टूटा संकट, गांव में पसरा मातम
नागेंद्र पासवान के निधन से उनके परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। वे अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। इस हादसे के बाद घर में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव के लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शटडाउन के बाद भी इस तरह की घटना हो रही है, तो सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे कार्यों में सख्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।