Jharkhand: झारखंड में वन विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को पत्र भेजकर भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी राजीव लोचन बख्शी के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अपने कार्यकाल के दौरान अधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए कई वित्तीय गड़बड़ियां कीं।
ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गड़बड़ियां
मरांडी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 2013 से 2018 के बीच रांची वन प्रमंडल में कई अनियमितताएं हुईं, जिनका खुलासा प्रधान महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब पाए गए हैं।
खरीद और मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का आरोप
बताया गया है कि करीब 1.80 करोड़ रुपये की सामग्री खरीद से संबंधित मूल वाउचर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, 5 करोड़ से अधिक की मजदूरी भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी संदिग्ध पाए गए हैं। जांच के दौरान कई मास्टर रोल्स में भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं, जहां मजदूरी का भुगतान बिना उचित सत्यापन के दर्ज किया गया।
नियमों की अनदेखी कर भूमि उपयोग का आरोप
मामले में यह भी सामने आया है कि वन भूमि के उपयोग में नियमों का पालन नहीं किया गया और कुछ एजेंसियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। यह आरोप भी लगाया गया है कि संबंधित योजनाओं के तहत दिए गए अग्रिम धन का समुचित हिसाब नहीं किया गया।
एफआईआर और विशेष जांच दल गठित करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने एसीबी से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच टीम बनाई जाए। साथ ही, फॉरेंसिक ऑडिट के जरिए पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मामले ने पकड़ा तूल
इस मामले के सामने आने के बाद राज्य की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस पर क्या कार्रवाई करती हैं और आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है।