Ranchi : झारखंड में गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। कुख्यात प्रिंस खान को शूटर उपलब्ध कराने वाला राणा राहुल सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। धनबाद से गिरफ्तार कुबेर सिंह की पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में रांची के नामकुम इलाके के रहने वाले राणा राहुल प्रताप सिंह और प्रिंस खान की मुलाकात दुबई में हुई थी।

बताया जाता है कि दुबई में इस मुलाकात के दौरान राणा राहुल सिंह ने अपना जन्मदिन भी बेहद भव्य तरीके से मनाया था। जांच में यह भी सामने आया है कि राणा ने प्रिंस खान के लिए शूटर उपलब्ध कराए थे और वह झारखंड पुलिस से मिली सुरक्षा का खुलेआम इस्तेमाल कर अपना दबदबा दिखाता था।
पुलिस सुरक्षा का दुरुपयोग?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राणा राहुल सिंह को रांची पुलिस द्वारा तीन बॉडीगार्ड उपलब्ध कराए गए थे। वह अक्सर पुलिस एस्कॉर्ट के साथ चलता था, जिससे समाज में उसका प्रभाव और रुतबा और भी बढ़ता गया।
तस्वीरों से बनाया प्रभावशाली नेटवर्क
हाल ही में सामने आई तस्वीरों में राणा राहुल सिंह कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ नजर आ रहा है। हालांकि, इन तस्वीरों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि कई बार आपराधिक प्रवृत्ति के लोग प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर अपनी पहुंच और पहचान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं और इसका इस्तेमाल अवैध कार्यों में करते हैं।
सफेदपोश छवि के पीछे काला खेल
सूत्रों के अनुसार, राणा राहुल सिंह ने अपराध और माफिया नेटवर्क के जरिए भारी संपत्ति अर्जित की। महंगी गाड़ियों, सोने-हीरे के आभूषणों और सरकारी सुरक्षा के सहारे उसने खुद को समाज में एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश की।
कई बड़े नामों के साथ तस्वीरें
राणा राहुल सिंह की तस्वीरें झारखंड और बिहार के कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के साथ सामने आई हैं। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो, रांची के विधायक सीपी सिंह, झरिया की विधायक रागिनी सिंह, तमाड़ के विधायक विकास मुंडा और अभिनेता-सांसद रवि किशन समेत कई अन्य नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस की तलाश जारी
फिलहाल राणा राहुल सिंह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
यह मामला न सिर्फ झारखंड के आपराधिक नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे कुछ अपराधी सिस्टम का इस्तेमाल कर अपनी पकड़ मजबूत करते हैं।