बैठक के बाद जानकारी देते हुए अरुण सिंह ने बताया कि इस वर्ष जमशेदपुर में लगभग 190 स्थानों पर रामनवमी महोत्सव का आयोजन होगा। इसके अलावा 16 स्थानों पर वसंती दुर्गा पूजा तथा दोमुहानी घाट और स्वर्णरेखा घाट में चैती छठ महापर्व का आयोजन किया जाएगा। शहर के 12 विसर्जन घाटों पर 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ों का विसर्जन होगा।
समिति के संरक्षक एवं वाल मंदिर अखाड़ा के प्रमुख सुमन अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बीच पहले से बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है और सभी अखाड़ा समितियां सरकार के नियमों का पालन करेंगी।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी ने प्रशासन से मांग की कि श्रमिक एकता बजरंग अखाड़ा पाड़ा के पूजन स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि वहां रामनवमी पूजन हो सके। साथ ही विसर्जन घाटों को और बेहतर बनाने, छठ महापर्व के दिन नदी घाटों की साफ-सफाई कराने तथा जल स्तर बढ़ाने के लिए डैम से पानी छोड़ने की भी मांग की गई।
इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर लटके बिजली तारों को व्यवस्थित करने, सड़कों पर अवैध पार्किंग और निर्माण सामग्री हटाने की भी मांग प्रशासन से की गई, ताकि रामनवमी जुलूस और विसर्जन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस बैठक में मुख्य रूप से कार्यकारी अध्यक्ष नितिन त्रिवेदी, महासचिव प्रवीण सेठी, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष दिलजय बोस, विहिप अध्यक्ष अजय गुप्ता, बंटी सिंह (जम्बो अखाड़ा), अजीत सिंह (तरुण संघ अखाड़ा) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।