Jamshedpur: जमशेदपुर के बेल्डीह क्लब में मंगलवार से ड्राई बेनिफिसिएशन (DRYBEN 2026) पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उद्योग विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और तकनीकी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य खनिज और कोयला क्षेत्र में नई और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर चर्चा और उनके विकास को बढ़ावा देना है।
टाटा स्टील और IIM के सहयोग से आयोजन
इस सम्मेलन का आयोजन Tata Steel द्वारा Indian Institute of Metals (जमशेदपुर चैप्टर) के सहयोग से किया जा रहा है। यह मंच नई तकनीकों के आदान-प्रदान और विशेषज्ञों के बीच संवाद को मजबूत करने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उद्घाटन सत्र में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (रॉ मटेरियल) संदीप कुमार, ईआईसी आईबीएमडी दीपंकर दासगुप्ता, सीटीओ प्रोसेस अतनु रंजन पाल (साथ ही IIM जमशेदपुर चैप्टर के चेयरमैन) और DRYBEN 2026 के संयोजक वीरेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने ड्राई बेनिफिसिएशन तकनीकों के महत्व और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
240 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी
सम्मेलन में 240 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह आयोजन तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और नई तकनीकों पर गहन चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
पहले दिन तकनीकी सत्रों में हुई गहन चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन प्लेनरी सत्र के साथ दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में सॉर्टिंग तकनीक, कमिन्यूशन, ड्राई ग्रैविटी कंसंट्रेशन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही ड्राई बेनिफिसिएशन के रणनीतिक पहलुओं पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।
दूसरे दिन उन्नत तकनीकों पर रहेगा फोकस
सम्मेलन के दूसरे दिन चार विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ड्राई ग्रैविटी सेपरेशन, इलेक्ट्रोस्टैटिक और मैग्नेटिक सेपरेशन जैसी उन्नत तकनीकों पर चर्चा होगी। इसके अलावा डस्ट एक्सट्रैक्शन, न्यूमैटिक कन्वेइंग और ड्राइंग टेक्नोलॉजी जैसे सहायक क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
तकनीकी नवाचार और सतत विकास पर जोर
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से खनन और कोयला उद्योग में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राई बेनिफिसिएशन तकनीक भविष्य में संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।