Jharkhand Assembly Seats Increase: नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में प्रस्तावित संशोधन के बाद झारखंड की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है. सूत्रों के अनुसार, एनडीए सरकार इस कानून को जल्द लागू करने के लिए सीटों की संख्या में 33 प्रतिशत की वृद्धि करने जा रही है. इसके तहत झारखंड विधानसभा की कुल सीटें मौजूदा 81 से बढ़कर 108 हो जाएंगी. सीटों की संख्या बढ़ने के साथ ही सत्ता की चाबी यानी बहुमत का जादुई आंकड़ा भी अब 41 से बढ़कर 55 सीटों का हो जाएगा.
2011 की जनगणना बनेगा आधार
इस ऐतिहासिक पुनर्गठन के लिए केंद्र सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बना रही है. पहले यह कानून नई जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था, लेकिन अब इसे “फास्ट ट्रैक” पर लाने के लिए सरकार नियमों में ढील दे सकती है. इस संशोधित व्यवस्था को 2029 के चुनावों से लागू करने की योजना है. इसके लिए मौजूदा बजट सत्र में ही संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने की प्रबल संभावना है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
महिलाओं के लिए “ट्रिपल प्रोटेक्शन” प्लान
महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. नए प्रावधानों के तहत महिलाओं के लिए आरक्षित की जाने वाली सीटों को लगातार तीन चुनावों (15 साल) तक सुरक्षित रखा जा सकता है. इससे महिला प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने और विकास कार्यों को निरंतरता देने का पर्याप्त समय मिलेगा. रोटेशन प्रणाली के बजाय लंबी अवधि तक आरक्षण देने का यह सुझाव महिला नेतृत्व को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा.
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ेगा झारखंड का कद
विधानसभा के साथ-साथ लोकसभा सीटों में भी होने वाली वृद्धि से झारखंड का राष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव बढ़ेगा. जानकारों का मानना है कि 108 सीटों वाली विधानसभा होने से राज्य के उन क्षेत्रों को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलेगा जो वर्तमान में उपेक्षित महसूस करते हैं.