Jharkhand News: केंद्र सरकार ने झारखंड के ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए 412.68 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को हरी झंडी दे दी है. यह राशि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य को आवंटित की गई है. इस फंड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार सकें. यह सहायता सीधे ग्राम पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों और जिला परिषदों के माध्यम से खर्च की जाएगी.
साफ-सफाई और पीने के पानी पर रहेगा मुख्य फोकस
केंद्र द्वारा दी गई यह राशि "टाइड ग्रांट" (Tied Grant) की श्रेणी में आती है, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग केवल निर्धारित बुनियादी सेवाओं पर ही किया जा सकता है. इस फंड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और स्वच्छता (Sanitation) व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए खर्च होगा. सरकार की योजना है कि इसके जरिए हर घर तक शुद्ध पानी पहुँचाने और गांवों को कचरा मुक्त बनाने के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए.
90:10 के अनुपात में होगा पंचायतों के बीच वितरण
राशि के वितरण के लिए एक पारदर्शी मानक तय किया गया है. इसका बंटवारा 2011 की जनगणना और संबंधित क्षेत्र के भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर होगा. नियमों के मुताबिक, यदि राज्य वित्त आयोग की कोई विशेष सिफारिश उपलब्ध नहीं है, तो जनसंख्या को 90 प्रतिशत और क्षेत्रफल को 10 प्रतिशत का वेटेज (अनुपात) देते हुए फंड का वितरण किया जाएगा. इससे बड़ी आबादी वाली पंचायतों को विकास के लिए अधिक संसाधन मिल सकेंगे.
ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिलेगी नई मजबूती
इस वित्तीय मदद से झारखंड के दूर-दराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होने की उम्मीद है. पंचायतों को सीधे फंड मिलने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की सुस्ती दूर होगी और जवाबदेही बढ़ेगी. राज्य सरकार ने केंद्र के इस कदम का स्वागत किया है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवंटित राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करें ताकि ग्रामीण जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके.