LPG Cylinder New Rules: देशभर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है. तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था को अब पहले से कहीं अधिक सख्त और नियंत्रित बना दिया है. नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को अपनी मर्जी से तुरंत गैस रिफिल नहीं मिलेगी. कंपनियों का तर्क है कि इस कदम से गैस की कालाबाजारी रुकेगी और वितरण व्यवस्था में संतुलन बना रहेगा.
सिलेंडर बुकिंग के लिए तय की गई वेटिंग पीरियड
नए नियमों के अनुसार, अब रिफिल के बीच एक निश्चित समय अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है. जिन उपभोक्ताओं के पास एक सिलेंडर का कनेक्शन है, उन्हें अब अगला सिलेंडर 25 दिन के अंतराल पर ही मिलेगा. वहीं, दो सिलेंडर (DBC) वाले उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि 35 दिन तय की गई है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह नियम और भी कड़ा है, जिन्हें अब अगले सिलेंडर के लिए कम से कम 45 दिन का इंतजार करना होगा.
12 सिलेंडर का कोटा खत्म होते ही देना होगा हिसाब
भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने अपने उपभोक्ताओं के लिए विशेष सख्ती बरती है. जिन ग्राहकों ने साल भर के लिए निर्धारित 12 सिलेंडरों का कोटा पूरा कर लिया है, उन्हें अब अतिरिक्त सिलेंडर की बुकिंग के समय ठोस कारण बताना होगा. बुकिंग के दौरान “Hello BPCL” ऐप पर उपभोक्ताओं से पूछा जाएगा कि क्या घर में सदस्यों की संख्या बढ़ गई है, कोई मेहमान आया है या घर में कोई विशेष मांग (शादी-ब्याह या आयोजन) है. उचित कारण दर्ज करने के बाद ही अगली बुकिंग स्वीकार की जाएगी.
कॉमर्शियल सप्लाई पर भी लगाम, आपात सेवाओं को प्राथमिकता
घरेलू ही नहीं, बल्कि कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पर भी नियंत्रण लगा दिया गया है. फिलहाल तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई को सीमित करते हुए केवल शैक्षणिक संस्थानों और आपातकालीन सेवाओं को ही प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है. सरकार और कंपनियों का मानना है कि इस नई मॉनिटरिंग व्यवस्था से गैस की उपलब्धता बनी रहेगी और जरूरतमंदों को समय पर रिफिल मिल सकेगी.