Avimukteshwaranand Anticipatory Bail: इलाहाबाद हाई कोर्ट से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत मिली है। यौन शोषण के मामले में कोर्ट ने उन्हें और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी को अग्रिम जमानत दे दी है।
कोर्ट ने बयानबाजी पर लगाया रोक
यह मामला पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले में कोई भी पक्ष मीडिया के सामने बयान नहीं देगा।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत पर प्रयागराज के झूंसी थाने में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसमें पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराएं लगाई गई थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी।
फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई साफ होगी
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ साफ कहा जा सकेगा। साथ ही, आरोप लगाने वालों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए हैं। लेकिन इन बयानों में क्या सामने आया, इस पर अभी कोई अधिकारी खुलकर कुछ नहीं बता रहा है।
जमानत से मिली राहत लेकिन जांच जारी
डॉक्टरों के मुताबिक, उम्र की सही जानकारी के लिए दांतों का एक्स-रे किया जाता है। 25 साल से कम उम्र में दांतों की गिनती और एक्स-रे से जानकारी मिलती है, जबकि 25 साल से ज्यादा उम्र में दूसरी मेडिकल विधि अपनाई जाती है। फिलहाल, कोर्ट से मिली इस जमानत के बाद शंकराचार्य को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है।