Tatanagar Railway Station: टाटानगर स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों के लिए रेलवे एक बेहद खास तोहफा लेकर आया है. चक्रधरपुर मंडल ने स्टेशन परिसर में पिछले दो वर्षों से बंद पड़ी रेलवे कैंटीन को "स्लीपिंग पॉड" में बदलने का आधिकारिक आदेश दे दिया है. जापान के प्रसिद्ध कैप्सूल होटलों की तर्ज पर बनने वाले इन पॉड्स में यात्रियों को बहुत ही कम खर्च में सुरक्षित और आरामदायक ठहरने की सुविधा मिलेगी. यह विकल्प जमशेदपुर के महंगे होटलों और लॉज की तुलना में काफी सस्ता होगा, जिससे बजट यात्रियों और देर रात ट्रेन से उतरने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
वाई-फाई और लॉकर जैसी आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
रेलवे द्वारा प्रस्तावित ये स्लीपिंग पॉड पूरी तरह वातानुकूलित (AC) होंगे. यात्रियों की सुविधा के लिए इनमें हाई-स्पीड वाई-फाई, निजी लॉकर और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी. सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां यात्रियों को घंटों के आधार पर ठहरने की अनुमति मिलेगी, जिससे उन्हें पूरे दिन का किराया नहीं चुकाना पड़ेगा. चक्रधरपुर मंडल प्रबंधक के निर्देश पर जनवरी 2026 में वाणिज्य विभाग ने इसका विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया था, जिसके बाद अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
रिटायरिंग रूम और डोरमेट्री की कमी होगी दूर
वर्तमान में टाटानगर स्टेशन के रिटायरिंग रूम और डोरमेट्री अक्सर फुल रहते हैं, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्लीपिंग पॉड के शुरू होने से इन सुविधाओं पर बोझ कम होगा और यात्रियों को स्टेशन के भीतर ही ठहरने का एक नया विकल्प मिल सकेगा. विशाखापट्टनम, हैदराबाद और भोपाल जैसे बड़े स्टेशनों की तर्ज पर अब टाटानगर में भी यह ग्लोबल स्टैंडर्ड की सुविधा उपलब्ध होगी. बंद पड़ी पुरानी कैंटीन की खाली जगह का इस तरह से उपयोग करना यात्री सुविधा के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
संचालन के लिए बिडर्स में मची होड़, जल्द शुरू होगा काम
रेलवे द्वारा टेंडर निकाले जाने के बाद इस प्रोजेक्ट के संचालन में रुचि रखने वाले लोग टाटानगर स्टेशन और चक्रधरपुर मंडल कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रियों के लिए फायदेमंद है, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी करेगा. टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ महीनों में टाटानगर स्टेशन का हुलिया बदल जाएगा और यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलने लगेंगी.