Seraikela: कांड्रा से चांडिल गोलचक्कर तक की जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। रुदिया पंचायत के मुखिया और ग्रामीणों ने उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और पथ निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क और उड़ती धूल के कारण लगभग 8 गांवों के करीब 6000 लोग प्रभावित हो रहे हैं।
शिलान्यास के बाद भी काम शुरू नहीं, प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि विधायक सविता महतो द्वारा सड़क का शिलान्यास किए जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसे लेकर लोगों ने प्रशासनिक सुस्ती और संवेदक की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कागजी प्रक्रियाओं और फंड की देरी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य और बच्चों की सुरक्षा पर पड़ रहा असर
औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। जर्जर सड़क से उड़ने वाली धूल लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है, जिससे दमा और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं स्कूली बच्चों को उबड़-खाबड़ रास्तों और भारी ट्रैफिक के बीच चलने में काफी परेशानी हो रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
प्रशासन का आश्वासन, लेकिन ग्रामीणों में अविश्वास
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने 2 दिनों के भीतर काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब सिर्फ आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे। उन्होंने 7 दिनों की समय सीमा तय करते हुए कहा है कि यदि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तत्काल राहत के लिए पानी छिड़काव की मांग
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक धूल से राहत के लिए दिन में कम से कम 2-3 बार पानी का छिड़काव कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो लोकतांत्रिक तरीके से चक्का जाम और प्रदर्शन किया जाएगा।