Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट ने सहायक आचार्य (कक्षा 6 से 8) भर्ती मामले में अहम फैसला सुनाते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को 97 सफल अभ्यर्थियों के नाम तुरंत सरकार को भेजने और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता पूरी करते हैं, तो उनकी नियुक्ति में देरी नहीं होनी चाहिए.
नियुक्ति में देरी पर कोर्ट की नाराजगी
यह मामला महेंद्र रवानी समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि 97 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया जा चुका है, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है. साथ ही, जेएसएससी ने उनके नामों की अनुशंसा भी सरकार को नहीं भेजी है. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए आयोग को तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया.
365 अभ्यर्थियों ने लगाई गुहार
इस भर्ती से जुड़े कुल 365 अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इनमें से 97 अभ्यर्थियों के मामले में कोर्ट ने फिलहाल राहत दी है, जबकि बाकी उम्मीदवारों की सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने जनरल वर्ग के कटऑफ से अधिक अंक हासिल किए हैं, फिर भी उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई.
आरक्षण और नियमों को लेकर विवाद
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इन अभ्यर्थियों ने जेटेट परीक्षा में आरक्षण का लाभ लिया था, इसलिए उन्हें सामान्य श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता.
इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जेटेट में आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को भी भर्ती नियमों के अनुसार अवसर मिलना चाहिए.
फिलहाल, कोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख दो सप्ताह बाद तय की है, जिससे बाकी अभ्यर्थियों को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.