Ranchi: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब रांची की हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। विमानन कंपनियों ने बढ़ती ईंधन लागत के चलते मार्च महीने से फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जिससे घरेलू उड़ानों के टिकट पहले से ही महंगे हो चुके हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा किराया सीमा (फेयर कैप) हटाने के फैसले ने भी किराए में और इजाफा कर दिया है।
महानगरों के लिए टिकट हुए महंगे
रांची से मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पटना, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा अब पहले के मुकाबले काफी महंगी हो गई है। यात्रियों को टिकट के लिए 2500 से 3000 रुपये तक अधिक खर्च करना पड़ रहा है। यहां तक कि एक महीने पहले बुकिंग करने पर भी राहत नहीं मिल रही है।
अप्रैल के लिए रांची से मुंबई का किराया करीब 9000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि कोलकाता के लिए 6700 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है।
फेयर कैप हटने का सीधा असर
23 मार्च से केंद्र सरकार द्वारा किराया सीमा हटाए जाने के बाद एयरलाइंस कंपनियों को कीमत तय करने की पूरी छूट मिल गई है। ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार, इस फैसले के बाद कंपनियां अब मांग के अनुसार किराया तय कर रही हैं, जिससे टिकट दरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पहले सरचार्ज, अब खुली छूट
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत बढ़ने के चलते पहले ही 500 से 1000 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ यात्रियों पर डाला जा चुका था। अब फेयर कैप हटने के बाद किराया और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रियों की बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ते किराए के कारण आम यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर उन लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है, जिन्हें नियमित रूप से हवाई यात्रा करनी पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो किराए में और वृद्धि हो सकती है।