Adityapur Kesari Gas Agency: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर इलाके में स्थित केसरी गैस सर्विस एजेंसी में चल रही भीषण लापरवाही और गैस सिलेंडर वितरण में भारी धांधली पर "न्यूज़ 26 झारखंड" की खबर का बहुत बड़ा और दमदार असर हुआ है. मीडिया में प्रमुखता से खबर चलने के बाद हरकत में आए स्थानीय अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश ने बुधवार को दल-बल के साथ गैस एजेंसी के मुख्य गोदाम और दफ्तर पर अचानक धावा बोल दिया (औचक निरीक्षण किया). जांच के दौरान कल बांटे गए गैस सिलेंडरों की डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप (वितरण रसीद) नहीं दिखाने पर एसडीओ अभिनव प्रकाश ने कड़े तेवर अपनाते हुए गैस एजेंसी के मालिक और प्रबंधकों की क्लास लगाई और उन्हें ऑन-द-स्पॉट जमकर फटकार पिलाई.
डीएससी नंबर मिलने के बाद भी 200 से अधिक लाचार उपभोक्ता भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहे
विदित हो कि इससे ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को केसरी गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर हाहाकार मचा हुआ था, जहां 200 से अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय लाचार महिला-पुरुष उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े थे. आक्रोशित उपभोक्ताओं का सीधा आरोप था कि ऑनलाइन बुकिंग करने और मोबाइल पर बाकायदा डीएससी नंबर मिलने के बावजूद एजेंसी के कर्मचारी उन्हें टरका रहे थे. उपभोक्ताओं ने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया था कि रात के अंधेरे में सिलेंडरों से लदा पूरा ट्रक गायब हो गया और जनता के हक की घरेलू गैस को होटलों और कमर्शियल उपयोग के लिए ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) में बेच दिया गया.
दो से तीन दिनों के भीतर डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप दिखाने का सख्त निर्देश, वरना होगी कानूनी कार्रवाई
गोदाम में सघन छापेमारी और स्टॉक के भौतिक सत्यापन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश ने कड़े लहजे में बताया कि प्रशासनिक टीम ने एजेंसी के मौजूदा गैस स्टॉक, सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन रजिस्टर की गहराई से जांच की है. जांच के दौरान कल बांटे गए गैस सिलेंडरों का आधिकारिक वितरण स्लिप गायब मिला, जो भारी वित्तीय और प्रशासनिक हेराफेरी की ओर साफ इशारा करता है. इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसडीओ अभिनव प्रकाश ने गैस एजेंसी प्रबंधन को अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी डिस्ट्रीब्यूशन स्लिप हर हाल में प्रस्तुत करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर स्लिप नहीं दिखाई जाती है, तो एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ आरोपियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.
जनता ने ली राहत की सांस, होम डिलीवरी सुचारू करने की मांग
प्रशासन की इस त्वरित और औचक छापेमारी की कार्रवाई के बाद पिछले चार दिनों से भूखे-प्यासे सड़कों पर धक्के खा रहे परेशान स्थानीय उपभोक्ताओं ने थोड़ी राहत की सांस ली है. उपभोक्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर शांत न बैठे, बल्कि केसरी गैस एजेंसी के पिछले एक हफ्ते के पूरे स्टॉक रजिस्टर की उच्च स्तरीय ऑडिट कराए ताकि कालाबाजारी के इस बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके और उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के समय पर गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए.