Ranchi News : झारखण्ड सरकार के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बालू के अवैध उठाव से जुड़े कथित काले धन के मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में उनका नाम आता है, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगर जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ कोई भी सबूत मिलता है और वे दोषी पाए जाते हैं, तो वह उसी दिन अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
बालू खनन और ब्लैक मनी पर सियासत तेज
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता के सिद्धांत पर काम कर रही है और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए। चाहे वह आम नागरिक हो या मंत्री, सभी के लिए एक ही कानून लागू होता है। संजय प्रसाद यादव ने यह भी कहा कि उन्हें किसी जांच से कोई डर नहीं है और वे खुद चाहते हैं कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
दरअसल, अवैध बालू खनन और उससे जुड़े अवैध कारोबार को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई जगहों पर अवैध खनन और काले धन के आरोप सामने आते रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां सक्रिय हुई हैं। इसी कड़ी में मंत्री का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने खुद को भी जांच के दायरे में लाने की बात कही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान से सरकार की ओर से पारदर्शिता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर पहले से ही सरकार पर हमलावर रहा है।