Jharkhand Politics: झारखंड की सड़कों पर अवैध बालू ढोने वाले बेलगाम हाईवा वाहनों के चलते उपजे खौफनाक मंजर पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की महागठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2025 में अब तक सड़क दुर्घटनाओं में 4,200 बेगुनाह लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं, जबकि पूरे कोरोना काल में यह आंकड़ा 5,331 था. हाईवे पर हर दिन 12 से 14 लोगों की हो रही मौतें साबित करती हैं कि सरकार आम जनता की सुरक्षा करने के बजाय केवल अवैध कमाई के बंदोबस्त में व्यस्त है.
मुफ्त बालू का वादा फाइलों में कैद, आपस में ही भिड़े सत्ता के साझीदार
मुख्यमंत्री द्वारा गरीबों को घर बनाने के लिए 2,000 सीएफटी बालू मुफ्त देने की घोषणा को भाजपा ने पूरी तरह से छलावा करार दिया है. अमित मंडल ने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि किसी भी गरीब को बालू नसीब नहीं हो रहा है और घाटों पर केवल माफिया का राज है. सत्ताधारी गठबंधन के अंदर मची कलह पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि झामुमो द्वारा अपने ही सहयोगी दल कांग्रेस की तुलना विषैले सांप से करना यह स्पष्ट करता है कि यह पूरा विवाद केवल अवैध उगाही के पैसों के बंदरबांट को लेकर है.
महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट पर ताला लगाने और असली आकाओं को पकड़ने की मांग
भाजपा ने इस पूरे माइनिंग सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए सरकार के सामने एक कड़ा प्रस्ताव रखा है. प्रवक्ता ने मांग की है कि यदि सरकार के इरादे साफ हैं तो वह गोड्डा सहित अन्य प्रभावित जिलों में चल रहे "महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट" के संचालन पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाए. भाजपा का मानना है कि इस ट्रांसपोर्ट कंपनी की आड़ में ही अवैध खनन का पूरा खेल खेला जा रहा है और इसके असली मालिक के चेहरे से नकाब हटाए बिना इस संगठित अपराध पर लगाम लगाना नामुमकिन है.