Jharkhand News: झारखंड में जमीन खो चुके माओवादी संगठनों के बचे-खुचे नेटवर्क को समूल उखाड़ने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. एनआईए ने झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच को एक कड़क चिट्ठी भेजकर जंगलों में छिपे 7 सबसे वांटेड नक्सलियों का पूरा रिकॉर्ड तलब कर लिया है. सुरक्षा एजेंसियों को यह पक्का इनपुट मिला है कि ये सभी वांटेड नक्सली झारखंड के सुदूर और दुर्गम इलाकों में बड़ी तबाही मचाने की फिराक में हैं. एनआईए की इस गोपनीय लिस्ट में पुरुषों से ज्यादा महिला नक्सलियों का दबदबा है, जो साफ इशारा करता है कि जंगलों में अब कमान महिलाओं के हाथ में है.
खुफिया तंत्र की कड़क पड़ताल में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस सूची में शामिल चारों महिला नक्सली, सुनीता, विनीता, रीता और रजनी कोई आम कैडर नहीं हैं. ये चारों इस वक्त पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी "मिसिर बेसरा" की सबसे भरोसेमंद और ट्रेंड हिंसक टुकड़ी की रीढ़ हैं. यह पूरा दस्ता फिलहाल पश्चिमी सिंहभूम के घने और बीहड़ "सारंडा" के जंगलों में कमान संभाले हुए है और सुरक्षाबलों के खिलाफ किसी बड़े हमले की रणनीति तैयार कर रहा है.
शीर्ष कमांडर और छत्तीसगढ़ के बाहरी लड़ाके भी एनआईए के रडार पर
एनआईए की हिटलिस्ट में माओवादी संगठन का सबसे शातिर और खूंखार "अनमोल दा" इस सूची में टॉप पर है, जो पिछले कई सालों से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार चल रहा है. इस पूरी लिस्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इसमें शामिल सोहन पुनेम और संदीप उर्फ हिड़मा मूल रूप से छत्तीसगढ़ के कुख्यात बीजापुर जिले के रहने वाले हैं. छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव के बाद ये दोनों भागकर झारखंड आ गए हैं और यहां के स्थानीय युवाओं को बरगलाकर संगठन का विस्तार करने में कड़क भूमिका निभा रहे हैं.