Jharkhand: झारखंड में कोर्ट परिसरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। साहिबगंज कोर्ट को 10 दिनों के भीतर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद अब धनबाद और रांची सिविल कोर्ट को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।
ईमेल मिलते ही मची अफरा-तफरी
सोमवार सुबह करीब 10 बजे जैसे ही धमकी भरा ईमेल मिला, कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एहतियातन कोर्ट को खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगा दी गई। पुलिस ने बिना देर किए पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता तैनात
धनबाद और रांची दोनों जगहों पर पुलिस ने खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) और बम निरोधक दस्ते की मदद से कोर्ट परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान अब तक किसी भी प्रकार का संदिग्ध विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है, लेकिन सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
बता दें कि इससे पहले 30 मार्च को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से 47 वर्षीय श्रीनिवास लूकस नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने ईमेल आईडी के जरिए देशभर के कोर्ट और सरकारी संस्थानों को 1100 से अधिक धमकी भरे मेल भेजे थे। हालांकि, ताजा मामलों में उसी का हाथ है या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है।
साहिबगंज में दूसरी बार मिली धमकी
साहिबगंज कोर्ट को 10 दिनों के भीतर दूसरी बार धमकी मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए और भी चिंताजनक है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह केवल एक अलग-अलग घटना नहीं, बल्कि संगठित तरीके से किया जा रहा प्रयास हो सकता है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच जारी
साहिबगंज, धनबाद जिले और राजधानी रांची में कोर्ट परिसरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
लोगों में डर, प्रशासन सतर्क
लगातार मिल रही धमकियों के कारण आम लोगों और कोर्ट में आने वाले वकीलों व कर्मचारियों के बीच डर का माहौल है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।