Amitabh Fitness Mantra: 83 साल की उम्र में भी लगातार सक्रिय रहना हर किसी के बस की बात नहीं. लेकिन अमिताभ बच्चन के लिए काम सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है. हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया कि एक दिन भी बिना काम के बिताना उन्हें असहज कर देता है.
रोज काम करना क्यों है जरूरी, खुद "बिग बी" ने बताया इसकी असली वजह
अमिताभ बच्चन के अनुसार, सालों से लगातार काम करने की आदत ने उनके जीवन में एक स्थिरता और संतुलन बना दिया है. वह कहते हैं कि जब उनका रूटीन टूटता है और वे काम नहीं करते, तो उन्हें खालीपन महसूस होता है. दिन अधूरा लगने लगता है और मन में बेचैनी बढ़ जाती है.
उनका मानना है कि रोजमर्रा की गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखना ही मानसिक शांति का सबसे बड़ा कारण है.
अनुशासन और सक्रिय जीवनशैली कैसे बचाती है तनाव और चिंता से
बिग बी ने यह भी बताया कि अनुशासन सिर्फ काम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है. उनके मुताबिक, जब व्यक्ति खुद को व्यस्त रखता है, तो अनावश्यक सोच और चिंता से बचा जा सकता है. वहीं, खाली समय कई बार मन में उलझन और तनाव बढ़ा देता है. इसलिए उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें और खुद को सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रखें.
उम्र के इस पड़ाव पर भी वही ऊर्जा, काम के प्रति जुनून बरकरार
अमिताभ बच्चन आज भी उतनी ही ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं, जितनी अपने करियर के शुरुआती दिनों में करते थे. हाल ही में फिल्म "कल्कि 2898 AD" में उनके किरदार को खूब सराहा गया और अब वह इसके अगले हिस्से की तैयारी में व्यस्त हैं.
अमिताभ बच्चन की सोच यह साबित करती है कि सफलता और संतुलन का असली मंत्र अनुशासन और निरंतरता में छुपा है. उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सक्रिय रहकर ही व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बना रह सकता है.