Hazaribagh: हजारीबाग के चौपारण स्थित कुख्यात दनुआ घाटी, जिसे लोग लंबे समय से "मौत की घाटी" के नाम से जानते हैं, एक बार फिर सड़क हादसे को लेकर चर्चा में आ गई है। सोमवार सुबह यहां एक तेज रफ्तार फोर व्हीलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। हालांकि इस भयावह हादसे में एक राहत की बात यह रही कि गाड़ी में सवार दंपत्ति की जान बच गई। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गया जा रहे थे पति-पत्नी, अचानक बिगड़ा संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सफेद रंग की कार (BR02Q 4912) हजारीबाग से बिहार के गया की ओर जा रही थी। गाड़ी में सैयद इकबाल अरशद अपनी पत्नी के साथ सफर कर रहे थे।
इसी दौरान दनुआ घाटी के खतरनाक मोड़ों पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक को संभलने का मौका भी नहीं मिल सका। इस दुर्घटना में चालक सैयद इकबाल अरशद को चोटें आई हैं, जबकि उनकी पत्नी, जो गया में डॉक्टर के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें भी हल्की चोटें आई हैं।
हादसे के बाद मचा हड़कंप, लोग मदद को दौड़े
जैसे ही हादसा हुआ, आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और लोगों के सहयोग से दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी और कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
NHAI की एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे की सूचना मिलने के बाद NHAI की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल चौपारण स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया और बताया कि दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है। समय रहते मिली मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
दनुआ घाटी में हादसों का सिलसिला नहीं थम रहा
दनुआ घाटी लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिए बदनाम रही है। यहां के खतरनाक मोड़, तेज ढलान और कई जगहों पर सुरक्षा इंतजामों की कमी अक्सर हादसों को न्योता देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में कई जगहों पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत हैं और न ही मजबूत रेलिंग, जिससे वाहन चालकों को खतरे का सही अंदाजा नहीं लग पाता।
स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा मजबूत करने की मांग
इस ताजा हादसे के बाद एक बार फिर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि घाटी में स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त उपाय किए जाएं, मजबूत रेलिंग लगाई जाए और पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बाल-बाल बची जान, लेकिन चेतावनी दे गया हादसा
यह हादसा भले ही एक बड़ी त्रासदी में नहीं बदला, लेकिन इसने एक गंभीर चेतावनी जरूर दी है। अगर समय रहते दनुआ घाटी में जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में इस तरह के हादसे और भी घातक साबित हो सकते हैं।