CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा संपन्न कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी “सतवत इन्फो सोल प्राइवेट लिमिटेड” को झारखंड हाईकोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जेएसएससी द्वारा इस दागी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) किए जाने के एकल पीठ (सिंगल बेंच) के पूर्व के आदेश को पूरी तरह सही ठहराया है. इसके साथ ही अदालत ने जेएसएससी के फैसले के खिलाफ दायर की गई एजेंसी की अपील याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है.
जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच में हुई सुनवाई
इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजोय पीपरवाल ने कोर्ट के समक्ष कड़ा पक्ष रखा. उन्होंने दलील दी कि जिस एजेंसी के रहते हुए इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक हो गया और लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जा सकता और आयोग का ब्लैकलिस्ट करने का फैसला कानूनी रूप से बिल्कुल सही है.
पेपर लीक के बाद जेएसएससी ने की थी कड़ी कार्रवाई
यह पूरा मामला पूर्व में आयोजित हुई सीजीएल परीक्षा के बहुचर्चित पेपर लीक कांड से जुड़ा हुआ है. परीक्षा के दौरान धांधली और पेपर लीक उजागर होने के बाद आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए परीक्षा का जिम्मा संभालने वाली वेंडर कंपनी “सतवत इन्फो सोल प्राइवेट लिमिटेड” को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. इस फैसले को कंपनी ने पहले सिंगल बेंच में चुनौती दी थी, जहां उसे हार का सामना करना पड़ा. अब डबल बेंच ने भी सिंगल बेंच के उस कड़े आदेश पर अपनी मुहर लगा दी है.