Jharkhand News: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत कई दावे जांच में गलत पाए गए. मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय मंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अभियंता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया.
बैठक में लोहरदगा के कार्यपालक अभियंता ने दावा किया था कि अरकोसा मल्टी विलेज योजना से जुड़े सभी गांवों में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति हो रही है. हालांकि मंत्री के निर्देश पर कराई गई जांच में स्थिति अलग मिली. जांच टीम ने पाया कि कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है, जबकि कुछ गांवों में एक दिन छोड़कर पानी पहुंचाया जा रहा है.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सड़क चौड़ीकरण और पुल निर्माण कार्य के दौरान मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके कारण कई जलमीनारों से सप्लाई बंद पड़ी है. कुछ गांवों में नल कनेक्शन का कार्य भी अधूरा मिला.
मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं की समीक्षा में गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही विभिन्न जिलों में बंद पड़ी पेयजल योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई और जल्द मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए.
नलकूप मरम्मत से जुड़े कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई. मंत्री ने खुद हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया.