Jharkhand News : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत जमुआ और चंदनपुर पंचायत का दौरा कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने माचाडीह, शाखाभांगा, झरिया और जामुआ गांव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने ग्रामीणों एवं लाभुकों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके लाभ की जानकारी ली।
जमुआ व चंदनपुर पंचायत में विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि वास्तविक लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सके। मौके पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, बीडीओ आरती मुंडा, सीओ समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कूप निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अबुआ आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। लाभुकों से कहा गया कि किस्त की राशि मिलते ही निर्माण कार्य में उपयोग करें। साथ ही जियो टैगिंग के बाद समय-समय पर भुगतान और निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार व डेटा एंट्री पर जोर
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए सेविका और सहायिका को निर्देश दिया कि बच्चों को नियमित पोषाहार दिया जाए और उनके स्वास्थ्य व वजन से संबंधित आंकड़े पोषण ट्रैकर में समय पर दर्ज किए जाएं।
प्रखंड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मियों को योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण से मिले फीडबैक के आधार पर कार्यों में सुधार लाया जाए और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
सभी पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नामांकित जिन बच्चों का आधार और जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है, उन्हें एक माह के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी योग्य लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
आवास योजनाओं के लंबित कार्य समय सीमा में पूरा करने का निर्देश
बैठक में आवास योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। रोजगार सेवकों की हड़ताल के बावजूद विकास कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए मेट को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा प्रखंड में रसोई गैस की आपूर्ति, वितरण और भंडारण की जानकारी लेते हुए उपायुक्त ने सुचारु वितरण और कालाबाजारी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को चिकित्सा अनुदान के आवेदन बढ़ाने तथा पशु चिकित्सा पदाधिकारी को पशुधन वितरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं की लगातार निगरानी और जमीनी स्तर पर समीक्षा जरूरी है, ताकि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।