Seraikela News: सरायकेला को कांड्रा से जोड़ने वाली मुख्य सड़क अपनी बदहाली के कारण आम नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और जन-उपयोगी मार्ग होने के बावजूद, निर्माण के कुछ ही वर्षों के भीतर सड़क का पूरी तरह जर्जर हो जाना सरकारी संसाधनों की बर्बादी और घटिया निर्माण की ओर इशारा करता है. सड़क पर जगह-जगह हुए बड़े-बड़े गड्ढे अब न केवल आवागमन को बाधित कर रहे हैं, बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं.
स्कूली बच्चों का सफर जोखिम भरा, हल्की बारिश में बढ़ जाती हैं दुर्घटनाएं
इस सड़क की दयनीय स्थिति का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है. हल्की बारिश होते ही सड़क के गड्ढे जलमग्न हो जाते हैं, जिससे गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं घट रही हैं. खासकर छोटे बच्चों को लेकर इसी रास्ते से गुजरने वाली स्कूल बसों और वैन के पलटने का डर हमेशा बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह सड़क अब “एक्सीडेंट जोन” में तब्दील हो चुकी है.
मरम्मत की मांग को लेकर उपायुक्त से अपील, बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग
सड़क की जर्जर स्थिति से नाराज आम नागरिकों ने जिला उपायुक्त से जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, तभी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा. औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है, जिससे सड़क की हालत और बिगड़ती जा रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे सड़क जाम कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.