Bokaro: बोकारो के नेशनल हाईवे सेक्टर-12 स्थित हनुमान नगर के पास उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बीएसएल (बोकारो स्टील प्लांट) की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि इस जमीन पर अतिक्रमण कर पक्की बाउंड्री वॉल और निर्माण कार्य कर लिया गया था, जिसे हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला गरमा गया और मौके पर मौजूद बीएसएल अधिकारियों व सुरक्षा गार्डों के साथ बहस और हंगामा शुरू हो गया।
बार-बार हो रहा अवैध कब्जा, बढ़ी चुनौती
स्थानीय स्तर पर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, बोकारो स्टील प्लांट की जमीन पर लगातार अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां लोग पक्के मकान तक खड़े कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं, अवैध कब्जाधारी मुफ्त पानी और बिजली का भी उपयोग कर रहे हैं, जिससे बीएसएल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि बीएसएल समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाता है, लेकिन कार्रवाई के कुछ समय बाद ही दोबारा निर्माण शुरू हो जाता है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।
विरोध के बीच बुलडोजर से ढहाई गई दीवार
सोमवार को जब एक बार फिर से टीम बुलडोजर लेकर कार्रवाई के लिए पहुंची, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। अतिक्रमणकारियों ने सीधे अधिकारियों और होमगार्ड जवानों से भिड़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें मौके से खदेड़ दिया। इसके बाद कार्रवाई तेज करते हुए सीमेंट और लोहे की छड़ों से बनी ऊंची दीवार को बुलडोजर से गिरा दिया गया। अंत में प्रशासन की सख्ती के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अतिक्रमण की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।