Cyber Crime Racket: नौकरी का झांसा देकर युवाओं को विदेश भेजने और वहां उनसे साइबर ठगी करवाने वाला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस जांच में पता चला कि युवाओं को थाईलैंड (बैंकॉक) के रास्ते म्यांमार के कुख्यात केके पार्क साइबर स्कैम कंपाउंड में भेजा जाता है।
विदेश भेजे गए युवाओं को बनाया बंधक
इस मामले में मानगो के सरताज आलम को पुलिस ने पहले ही 18 फरवरी को जमशेदपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच में सामने आया कि विदेश भेजे गए युवाओं को वहां पहुंचते ही बंधक बना लिया जाता था।
युवाओं को बनाया साइबर गुलाम, जबरन ऑनलाइन ठगी करवाने का खुलासा
फिर उनसे जबरन साइबर क्राइम करवाया जाता था। उन्हें डराया धमकाया जाता था और प्रताड़ित किया जाता था और डिजिटल अरेस्ट, निवेश घोटाले जैसी ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। ये लोग पूरी तरह साइबर गुलाम बनकर काम करने को मजबूर थे।
विदेश से फंसे युवाओं का रेस्क्यू
पुलिस ने जब विदेश में फंसे युवाओं को रेस्क्यू किया और भारत वापस लाया, तो इस गिरोह का सच सामने आया। झारखंड के कुल 15 युवक इसमें फंसे थे, जिनमें तीन जमशेदपुर के थे। बाकी धनबाद, बोकारो और हजारीबाग के रहने वाले थे।
साइबर थाना में केस दर्ज, गिरोह के बाकी आरोपियों की तलाश जारी
पीड़ितों के बयान के आधार पर 9 दिसंबर को साइबर क्राइम डिपार्टमेंट में केस दर्ज किया गया था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के पैसे के लेन-देन की जांच कर रही है और इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह के बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है।