Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी सिपाही शंभू कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके आलीशान घर को सील कर दिया है। पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन में तैनात रहे शंभू कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पिछले 8 वर्षों में करीब 28 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की। जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी राशि को फर्जी ट्रांजैक्शन के जरिए अलग-अलग खातों में भेजा जाता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी सिपाही और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच टीम की कार्रवाई: करोड़ों रुपये फ्रीज और संदिग्धों की पहचान
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की पुष्टि के बाद इस घोटाले की जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने अब तक 21 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिन्हें तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में जमा करीब 1.60 करोड़ रुपये की राशि को सुरक्षित कर लिया गया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कैसे इतने लंबे समय तक बिना किसी की नजर में आए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी होती रही।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, और भी चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद
इस बड़े खुलासे के बाद हजारीबाग कोषागार और पुलिस विभाग के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में केवल शंभू कुमार ही नहीं, बल्कि कई अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता भी संदिग्ध मानी जा रही है। जांच टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है और आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक सकती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर सरकारी राशि की रिकवरी की जाएगी।