Jharkhand News: झारखंड पुलिस विभाग के ट्रेजरी से अवैध तरीके से धन निकासी के मामले ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. बहुचर्चित चारा घोटाले की याद दिलाने वाले इस मामले में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है. बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है और पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) या उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना इस बड़े नेटवर्क का खुलासा होना संभव नहीं है.
अंदरूनी मिलीभगत और संरक्षण के आरोप
आरोप है कि बिना विभाग के बड़े अधिकारियों या रसूखदारों के संरक्षण के सरकारी खजाने से इतने बड़े स्तर पर पैसे निकालना नामुमकिन है. यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब झारखंड के ऊर्जा, पेयजल और पर्यटन विभाग समेत कई जिलों के ट्रेजरी से पहले ही सैकड़ों करोड़ की गड़बड़ी की खबरें आ चुकी हैं. जानकारों का मानना है कि सिस्टम के भीतर गहरी मिलीभगत के कारण ही जालसाज बार-बार सरकारी राशि का गबन करने में सफल हो रहे हैं. इस खुलासे के बाद से सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.
जांच के घेरे में कई विभाग, कड़े एक्शन की तैयारी
बाबूलाल मरांडी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ट्रेजरी फ्रॉड के मामले राज्य की छवि खराब कर रहे हैं. मांग की गई है कि उन सभी कड़ियों को जोड़ा जाए जिनसे यह पता चल सके कि खजाने की चाबी किन हाथों में थी और नियमों को कहां ताक पर रखा गया. फिलहाल, पुलिस मुख्यालय और वित्त विभाग अपने स्तर पर रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं, लेकिन विपक्ष का मानना है कि विभागीय जांच केवल लीपापोती साबित होगी. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है.