Jharkhand Politics: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नीति आयोग के “वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक-2026” का हवाला देते हुए भाजपा के वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने दावा किया कि झारखंड वित्तीय मजबूती के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा शासित बड़े राज्य जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश इस सूचकांक में झारखंड से काफी पीछे और फिसड्डी साबित हुए हैं. कांग्रेस के अनुसार, नीति आयोग के इन आंकड़ों ने विकास के दावों पर भाजपा की पोल खोल दी है और यह साबित कर दिया है कि राज्य का राजकोष पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है.
वेतन में देरी पर सफाई और केंद्र पर भेदभाव का आरोप
कर्मचारियों के वेतन में हो रही देरी पर स्पष्टीकरण देते हुए कांग्रेस ने इसे नए वित्तीय वर्ष की सामान्य तकनीकी प्रक्रिया बताया है. पार्टी का आरोप है कि भाजपा इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर राजनीतिक जमीन तलाश रही है. इसके साथ ही कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है. राकेश सिन्हा के अनुसार, जीएसटी मुआवजा और केंद्रीय अनुदान के भुगतान में केंद्र की ओर से लगातार की जा रही कटौती राज्य के विकास को रोकने की एक सोची-समझी रणनीति है. सरकार का कहना है कि तमाम बाधाओं के बावजूद कर्मचारियों का हित उनकी प्राथमिकता में शामिल है.
महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने का दावा
कांग्रेस ने भाजपा की बयानबाजी को अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश करार दिया है. पार्टी का कहना है कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी और गैस की किल्लत जैसे बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल आरोप लगा रही है.