Jamshedpur: टाटा स्टील में संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल किया गया है, जिसके तहत कई चीफ स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कंपनी के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन द्वारा जारी आदेश के अनुसार ये सभी परिवर्तन 15 अप्रैल से प्रभावी होंगे। इस बदलाव का मुख्य फोकस सेफ्टी से जुड़े विभागों को और मजबूत करना बताया जा रहा है।
सेफ्टी विभाग में बड़े पैमाने पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण
जारी आदेश के तहत चीफ सेफ्टी मेरामंडली विलास गायकवाड़ के पदनाम में बदलाव करते हुए उन्हें ओडिशा का चीफ सेफ्टी बनाया गया है। अब वे मेरामंडली, कलिंगानगर और एनआईएनएल में सेफ्टी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, कलिंगानगर ऑपरेशन के चीफ सेफ्टी रविशंकर मिश्रा को टाटा स्टील जमशेदपुर और डाउनस्ट्रीम यूनिट्स का चीफ सेफ्टी बनाया गया है। उन्हें जमशेदपुर प्लांट के साथ-साथ लांग प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गम्हरिया, लुधियाना और डाउनस्ट्रीम खपोली व साहिबाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रॉ मैटेरियल और अन्य यूनिट्स की जिम्मेदारी में भी बदलाव
टिनप्लेट, लांग प्रोडक्ट और मेटालिक्स डिवीजन के चीफ सेफ्टी अगम कुमार को अब रॉ मैटेरियल डिवीजन का चीफ सेफ्टी बनाया गया है। उनके जिम्मे अब रॉ मैटेरियल के अलावा ओएमक्यू ऑपरेशन, आयरन ओर माइंस, स्पंज आयरन प्लांट, झरिया और वेस्ट बोकारो की कोयला खदानें, फेरो एलॉयज बिजनेस, क्रोम और मैंगनीज माइंस की सेफ्टी का दायित्व होगा। वे जमशेदपुर से ही इन सभी कार्यों की निगरानी करेंगे।
रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर में भी किया गया बदलाव
इसके अलावा कंपनी के डायरेक्टर ग्रुप शिपिंग सेम उगुर को अब वाइस प्रेसिडेंट सप्लाई चेन को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, चीफ चार्टरिंग, ऑपरेशन और मैरीटाइम सस्टेनेबिलिटी आशीष कुमार को डायरेक्टर ग्रुप शिपिंग को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। इस बदलाव के जरिए कंपनी अपने संचालन और सेफ्टी सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।