Mohalbani Damodar River Ghat: सुदामडीह थाना क्षेत्र के मोहलबनी दामोदर नदी घाट में नहाने के दौरान रविवार की दोपहर डूबे पांच साथियों में दूसरे युवक शिवम मल्लिक का शव एनडीआरएफ की टीम ने 21 घंटे बाद निकाला। उसके चचेरे भाई अविनाश का शव रविवार को ही निकाला जा चुका था, जबकि तीन अन्य को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
एनडीआरएफ की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सोमवार को सुबह नौ बजे एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम मोहलबनी घाट पहुंची। एनडीआरएफ की टीम ने सबसे पहले टीम के इंस्पेक्टर देवीकांत पांडेय व एसआइ गोपाल कुमार के नेतृत्व में शिवम के डूबने वाले स्थल की जानकारी ली। उसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी शुरू हुई। इसी बीच बिरसा पुल के ऊपर से किसी व्यक्ति को पानी में शिवम का सिर दिखा। उसके बाद स्थानीय लोग व एनडीआरएफ ने रेस्क्यू कर शव को बाहर निकाला।
परिजनों को सौंपा गया शव
मृतक के परिजनों ने टाटा अस्पताल पहुंचे सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो से आग्रह किया कि शव बिना पोस्टमार्टम कराये ही उन्हें दिलाया जाये। फिर विधायक ने जिला के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों से बात की। उसके बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर बिना पोस्टमार्टम के अविनाश व शिवम का शव परिजनों को सौंप दिया।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
झरिया सीओ मनोज कुमार एवं जोड़ापोखर सर्किल इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने नदी के डेंजर जोन में जल्द बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया। मौके पर झरिया सीओ मनोज कुमार, जोड़ापोखर सर्किल इंस्पेक्टर पर आशुतोष कुमार, सुदामडीह थानेदार राहुल कुमार सिंह, पाथरडीह थानेदार रवि कुमार, झरिया अंचल के सीआइ अभय कुमार सिन्हा, नीरज कुमार, रमेश कुमार मौजूद थे।
मोहलबनी दामोदर नदी घाट में डूबे युवक का शव एनडीआरएफ की टीम ने 21 घंटे बाद निकाला। प्रशासन ने नदी के डेंजर जोन में जल्द बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया है। इस घटना में दो युवकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य को सुरक्षित निकाल लिया गया था।