Ranchi: रांची में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े में पकड़े गए 164 से ज्यादा आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें रांची पुलिस ने तमाड़ थाना क्षेत्र के एक सुनसान निर्माणाधीन भवन में आधी रात छापेमारी कर गिरोह के मंसूबों को नाकाम कर दिया था। एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में गिरोह के 5 मुख्य सदस्यों समेत 159 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जहां अभ्यर्थी कथित रूप से लीक हुए प्रश्न-पत्रों के उत्तर याद करने में जुटे थे। मौके से प्रश्न-उत्तर सेट, प्रिंटर, संदिग्ध मोबाइल फोन, बैंक चेक और एडमिट कार्ड भी बरामद किए गए।
10 से 15 लाख रुपये में तय हुई थी नौकरी की डील
जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले थे। अभ्यर्थियों को गुप्त स्थान पर लाकर उन्हें लीक सवालों के जवाब रटवाए जा रहे थे, ताकि वे परीक्षा में आसानी से सफल हो सकें। पुलिस ने मौके से 8 गाड़ियां भी जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल अभ्यर्थियों को लाने-ले जाने में किया जा रहा था। इस पूरे मामले को लेकर रांची डीसी और एसएसपी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे एक संगठित गिरोह की साजिश बताया।
बिहार का अतुल वत्स निकला मास्टरमाइंड
गिरफ्तार गिरोह का मुख्य सरगना बिहार के जहानाबाद का रहने वाला अतुल वत्स बताया गया है, जिसका आपराधिक इतिहास पहले से ही काफी गंभीर रहा है। वह देश की कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है और पहले भी जेल जा चुका है।