Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 23 में नगर निगम कार्यालय के पास वर्षों से चल रही अनियंत्रित कचरा डंपिंग को प्रशासन ने आखिरकार बंद कर दिया है। न्यूज़ 26 झारखंड ने इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बताया था कि कैसे यह गंदगी हेल्थ इमरजेंसी में बदल चुकी है। खबर का संज्ञान लेते हुए सरायकेला डीसी और नगर आयुक्त ने महज 48 घंटे के भीतर डंपिंग साइट को आबादी से दूर शिफ्ट करने का आदेश जारी किया। अब डंपिंग ग्राउंड को पूरी तरह साफ कर दिया गया है और कचरे का निष्पादन शहर से दूर नए स्थल पर किया जा रहा है।
गंभीर बीमारियों और प्रदूषण का था खतरा
इस घनी आबादी वाले इलाके में खुले में कचरा फेंके जाने से लोग बदबू, मक्खियों और जहरीली गैसों से परेशान थे। कचरे से निकलने वाला जहरीला तरल (लिचेट) जमीन के अंदर जाकर भूगर्भ जल को दूषित कर रहा था, जिससे डेंगू, मलेरिया के साथ-साथ कैंसर और लीवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा था। स्थानीय बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था और वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही थी। वर्षों की शिकायतों पर जब नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया, तब मीडिया की पहल ने प्रशासन को नींद से जगाया और इलाके को इस प्रदूषण से मुक्ति दिलाई।
जनता ने जताया आभार
डंपिंग साइट हटने से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। समाजसेवी रंजीत शांडिल्य और वार्ड 23 की जनता ने न्यूज़ टीम का आभार जताते हुए कहा कि पिछले 5 साल से वे नरक में जीने को मजबूर थे। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस जीत को जनसरोकार की पत्रकारिता की सफलता बताया है। हालांकि, यह सवाल अब भी बरकरार है कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए हमेशा मीडिया की खबरों का इंतजार क्यों करना पड़ता है। फिलहाल, बच्चों के लिए खुली हवा में सांस लेना और सुरक्षित वातावरण मिलना इस इलाके के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।