Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैसाखी के अवसर पर अपने संदेश में किसानों के अथक परिश्रम को नमन किया है. उन्होंने कहा कि बैसाखी का यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक पवित्र अवसर है. मुख्यमंत्री ने इसे नई फसल और नई उम्मीदों का संगम बताते हुए कहा कि यह दिन हमें उन मेहनतकश अन्नदाताओं को सम्मान देने की प्रेरणा देता है, जिनके पसीने और मेहनत से देश के हर घर में खुशहाली आती है.
एकता और भाईचारे का संदेश
बैसाखी के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने समाज में एकता और भाईचारे का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें मिल-जुलकर आगे बढ़ने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है. मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति को संजोकर रखें और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर एक उज्जवल भविष्य की नींव रखें. उनके अनुसार, यह दिन परिश्रम के फल का उत्सव मनाने और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का प्रतीक है.
राज्य में सुख-समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने कामना की कि बैसाखी का यह त्योहार झारखंड के हर परिवार के जीवन में सुख, शांति और अपार समृद्धि लेकर आए. राज्य सरकार किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए निरंतर काम कर रही है, और बैसाखी जैसे पर्व इस संकल्प को और दोहराते हैं.