Jharkhand Cabinet Meeting: झारखंड सरकार ने राज्य की तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए हैं. कैबिनेट ने “ज्ञानेंद्र चंद्र घोष स्कीम” के तहत राष्ट्रीय गणित और विज्ञान दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिवसों को आयोजित करने की स्वीकृति दी है. इसके अलावा, राज्य के विद्यालयों, आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए राज्य स्तरीय क्विज और “झारखंड रोबोटिक फेस्टिवल” के आयोजन को मंजूरी दी गई है. सरकार का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उच्च शिक्षण संस्थानों में अकादमिक गतिविधियों को तेज करना है.
स्वास्थ्य ढांचे में सुधार: पीपीपी मोड पर 4 मेडिकल कॉलेज
राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देते हुए कैबिनेट ने धनबाद, खूंटी, गिरिडीह और जामताड़ा सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड करने का फैसला किया है. ये चारों नए मेडिकल कॉलेज पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित होंगे, जिससे इन जिलों में न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय जनता को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी मिल सकेंगी. इसके साथ ही, नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय में पदों के पुनर्गठन और राज्य चिकित्सा परिषद में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के स्टाइपेंड (Stipend) को भी मंजूरी दी गई है.
राजधानी की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर
रांची के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नामकुम से डोरंडा तक की सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण को हरी झंडी मिल गई है. 162 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से यह सड़क अब फोरलेन बनेगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी. साथ ही, अनुसूचित जाति और जनजाति (ST-SC) मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए तीन नए न्यायालय मंडलों के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. कैबिनेट ने झारखंड मोटरवाहन करारोपण संशोधन विधेयक और लघु खनिज सामानुदान संशोधन नियमावली को भी स्वीकृति प्रदान की है.
वित्त आयोग का विस्तार और नए पदों का सृजन
प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए झारखंड राज्य वित्त आयोग के कार्यालय हेतु 18 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही पंचम राज्य वित्त आयोग की अवधि विस्तार के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है. बैठक में झारखंड इकोनॉमी सर्वे और अनुपूरक बजट को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई, जो राज्य की वित्तीय स्थिरता और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन 53 प्रस्तावों का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और राज्य में निवेश व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.