Chandil News: नीमडीह प्रखंड के बामणी क्षेत्र में सड़क निर्माण योजना के शिलान्यास समारोह के दौरान उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब ग्रामीणों ने शिलापट (Plaque) से एक जनप्रतिनिधि का नाम गायब पाया. माझीडीह मोड़ से माकुला भैया बानडीह और भांगाट से रांकाड तक बनने वाली सड़कों के शिलान्यास के लिए जो बोर्ड लगाया गया था, उस पर पहले से अंकित जिला परिषद सदस्य असित सिंह पात्र का नाम कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले मिटा दिया गया. इस घटना के बाद भांगाट और बामणी के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने समारोह स्थल पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
जनप्रतिनिधियों की गरिमा पर उठाए सवाल
शिलापट पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, ईचागढ़ विधायक सविता महतो और जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा का नाम अभी भी अंकित है, लेकिन असित सिंह पात्र का नाम जानबूझकर हटाए जाने को ग्रामीण अपमान मान रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब विभाग ने पहले से ही नाम लिखकर बोर्ड तैयार किया था, तो अंतिम समय में उसे मिटाने का निर्देश किसने दिया?
मामले ने पकड़ा राजनीतिक रंग
नाम मिटाए जाने की इस घटना ने अब क्षेत्र में राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है. ग्रामीणों और स्थानीय समर्थकों का आरोप है कि किसी राजनैतिक दबाव के कारण विभाग ने यह कदम उठाया है. इस विवाद के कारण शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का भेदभाव विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करेगा और जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
नाराज ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने विभाग से जवाब मांगा है कि आखिर किसके आदेश पर शिलापट के साथ छेड़छाड़ की गई. फिलहाल, पथ निर्माण विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.