Adityapur News: नोएडा, हरियाणा और पूरे एनसीआर क्षेत्र में अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मजदूरों के समर्थन में आज आदित्यपुर में भी हलचल देखी गई. सीआईटीयू (CITU) के आह्वान पर आज इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन ने टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया. सूरज ऑटोमोबाइल के समक्ष आयोजित इस कार्यक्रम में यूनियन के सदस्यों ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की नीतियों को श्रमिक विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की. मजदूरों ने एकजुट होकर संदेश दिया कि अधिकारों की इस लड़ाई में वे एनसीआर के साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.
शोषण और कम वेतन पर भड़का आक्रोश
आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान एनसीआर के कारखानों में हो रहे श्रमिकों के शोषण की दास्तां बयां की. यूनियन के नेताओं ने बताया कि वहां मजदूरों से प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक कड़ी मेहनत ली जा रही है, लेकिन पारिश्रमिक के नाम पर उन्हें मात्र 11,000 रुपये दिए जा रहे हैं. न तो उन्हें नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है और न ही बोनस जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं. जब मजदूरों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को पुलिसिया दमन के जरिए कुचलने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारियों की निंदा
यूनियन के अध्यक्ष मंटू मिश्रा के नेतृत्व में वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों द्वारा अपनाए जा रहे कड़े रुख की आलोचना की. उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज, आंसू गैस और गिरफ्तारियों के माध्यम से मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन ने मांग की है कि जेल में बंद सभी मजदूरों को अविलंब रिहा किया जाए और उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें तुरंत स्वीकार किया जाए. वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि दमन नहीं रुका, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन में यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी और दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए. मौके पर अधिवक्ता राजीव सिंह, फागू महतो, गिरीश कुमार सिन्हा, सार्जन महतो, शंकर साहू, वीरेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, विजया नंद सिंह और काली दास सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे.