Chaibasa News: सुरक्षाबलों ने चाईबासा के घने सारंडा जंगलों में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा को पकड़ने के लिए निर्णायक घेराबंदी कर ली है. खुफिया जानकारी के अनुसार, बेसरा अपने मुख्य थिंक टैंक और भारी सुरक्षा दस्ते के साथ छोटानागरा के जंगलों में फंसा हुआ है. उसे बचाने के लिए बौखलाए नक्सलियों ने गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला किया. इस बढ़ते दबाव के बीच नक्सलियों का दायरा अब केवल कुछ पॉकेट्स तक सिमट कर रह गया है, जिसे देखते हुए सुरक्षाबलों ने “सर्कुलर सर्च ऑपरेशन” तेज कर दिया है.
आईईडी ब्लास्ट में कोबरा जवान घायल, रांची एयरलिफ्ट
गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे जब सुरक्षाबल बाबूडेरा जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) में विस्फोट हो गया. इस हमले में कोबरा बटालियन-210 के जवान अभिनव कुमार मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तत्काल जंगल से रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर के जरिए रांची एयरलिफ्ट किया गया है. पिछले 24 घंटों के भीतर सारंडा में नक्सली मुठभेड़ और ब्लास्ट के दौरान घायल होने वाले जवानों की संख्या अब 6 पहुंच गई है.
अत्याधुनिक हथियारों से 500 मीटर दूर से फायरिंग
नक्सली अपने गढ़ को बचाने के लिए एलएमजी (LMG) और एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने बालिबा के करीब करीब 500 मीटर की सुरक्षित दूरी से सुरक्षाबलों पर भारी फायरिंग की है. यह लंबी दूरी की फायरिंग इस बात का संकेत है कि जवान नक्सलियों के कोर जोन के बेहद करीब पहुंच चुके हैं. सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई ने नक्सलियों को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है, लेकिन वे अपने शीर्ष नेता को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार पलटवार कर रहे हैं.
निर्णायक मोड़ पर सुरक्षाबलों का अभियान
बुधवार से जारी इस भीषण मुठभेड़ के बावजूद सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा है. लगातार दूसरे दिन हुई इस भिड़ंत के बाद पूरे क्षेत्र की किलेबंदी कर दी गई है और भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह सारंडा में नक्सलियों के वर्चस्व को खत्म करने का अंतिम प्रहार है. सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि आईईडी के खतरों को कम करते हुए मिसिर बेसरा और उसके दस्ते को खत्म किया जा सके.