Jharkhand News: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता को राज्य का नया लोकायुक्त नियुक्त किया है. गुरुवार को लोकभवन से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई. लोकायुक्त का पद जून 2021 में जस्टिस डीएन उपाध्याय के निधन के बाद से खाली पड़ा था. अब राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाने के साथ ही जस्टिस गुप्ता विधिवत अपना कार्यभार संभालेंगे, जिससे राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को नया बल मिलने की उम्मीद है.
न्यायिक सेवा का लंबा अनुभव
जस्टिस अमिताभ गुप्ता का न्यायिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है. 1997 में न्यायिक सेवा में आए जस्टिस गुप्ता संयुक्त बिहार के समय एडीजे रहे और बाद में धनबाद व दुमका जैसे जिलों में पदस्थापित रहे. वे रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश (पशुपालन) की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. साल 2013 में वे झारखंड हाई कोर्ट के जज बने और 30 मई 2021 को वहां से सेवानिवृत्त हुए. इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य सरकार के विधि सचिव और आरआरडीए (RRDA) ट्रिब्यूनल के चेयरमैन के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं.
3,000 से अधिक मामले हैं लंबित
झारखंड में लोकायुक्त का पद रिक्त होने के कारण भ्रष्टाचार से जुड़े लगभग तीन हजार मामले लंबित पड़े हुए हैं. पद खाली रहने के मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई थी, जिस पर निरंतर सुनवाई चल रही है. कोर्ट ने इस देरी पर कई बार सरकार से जवाब मांगा था. अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होनी है, जिससे ठीक पहले नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर सरकार ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष मजबूत कर लिया है. नए लोकायुक्त के आने से इन लंबित शिकायतों के निपटारे का रास्ता अब साफ हो गया है.
साहिबगंज से दिल्ली तक का सफर
31 मई 1959 को जन्मे जस्टिस अमिताभ गुप्ता की शुरुआती शिक्षा साहिबगंज के संत जेवियर्स स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से स्नातक और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर एवं एलएलबी की डिग्री हासिल की. उनकी गहरी कानूनी समझ और निष्पक्ष कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने उन्हें इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद के लिए चुना है. माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से राज्य के प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी.