Jamshedpur: धालभूमगढ़ प्रखंड के कानाश पंचायत अंतर्गत धोड़ासाई गांव निवासी 32 वर्षीय मंगल गोप की गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है, जिससे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। बताया जा रहा है कि मंगल गोप वर्ष 2018 से गुजरात स्थित पायल पॉली प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थे। वे इस वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर अपने घर आए थे और करीब 18 से 20 दिन पहले ही दोबारा काम पर लौटे थे। इसी दौरान काम करते वक्त उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के क्रम में उनकी मौत हो गई।
मौत के कारण पर उठे सवाल
मृतक का इलाज जिस अस्पताल नारायण हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुआ, बताया जा रहा है कि वहां की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर मौत का वास्तविक कारण क्या है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है। इस अनिश्चितता ने घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है।
नवविवाहिता पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
सबसे दुखद पहलू यह है कि मंगल गोप की शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। उनके असमय निधन से उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस घटना से व्यथित नजर आ रहा है।
ग्रामीणों के हंगामे के बाद मुआवजा
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला, जिसके बाद धालभूमगढ़ थाना प्रभारी धीरज मिश्रा, सेवई धर्म से जुड़े नौशाद अहमद और सुशांत चौबे ने कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। इस पहल के बाद कंपनी की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये की राशि मृतक की पत्नी के खाते में भेजी गई है। हालांकि, परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आगे भी बातचीत जारी है और मामले को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है।