National News: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से समर्थन की अपील की. जब सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाषण के बीच में टोका, तो पीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, "धर्मेंद्र जी, मैं आपका आभारी हूं. अखिलेश यादव मेरे मित्र हैं, इसलिए कभी-कभी वे मदद कर देते हैं." इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव अपनी हंसी नहीं रोक पाए और हाथ जोड़कर अभिवादन करते नजर आए.
पिछड़े समाज और संविधान पर दिया जोर
टोके जाने पर पीएम मोदी ने अपनी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि यह सच है कि वह अति पिछड़े समाज से आते हैं, लेकिन उनका दायित्व सभी वर्गों को साथ लेकर चलना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और इसी की शक्ति ने उन्हें देश की सेवा का अवसर दिया है. पीएम ने चेतावनी भी दी कि जो दल इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी.
अखिलेश यादव का स्मृति ईरानी पर तंज
दूसरी ओर, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चर्चा के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने कहा, "आपकी वो सास-बहू वाली तो हार गईं." उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वास्तव में ओबीसी महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहती और आरक्षण के नाम पर केवल "नारी को नारा" बनाने की कोशिश कर रही है.
सामाजिक न्याय और जनगणना की मांग
अखिलेश यादव ने मांग की कि महिला आरक्षण में ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग से कोटा तय किया जाए. उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि 21 राज्यों में सरकार चलाने वाली पार्टी ने कितनी महिला मुख्यमंत्री बनाई हैं? सपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि बिना नई जनगणना और सही आंकड़ों के परिसीमन करना केवल एक राजनीतिक चाल है, जिससे असली सामाजिक न्याय नहीं मिल पाएगा.