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  • 2026-04-16

Jamshedpur Big Breaking: जमशेदपुर में रांची पुलिस के हाई-प्रोफाइल रेड से हड़कंप! तीन बड़े नाम हिरासत में, पुलिस की रहस्यमयी चुप्पी बरकरार

Jamshedpur Big Breaking: जमशेदपुर में रांची पुलिस की रेड से हड़कंप मच गया है। रांची पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए दिनेश अग्रवाल, आयान सरकार और कथित पत्रकार निलय सेनगुप्ता को अपनी हिरासत में ले लिया है। आयान सरकार सोनारी का ही निवासी बताया जा रहा है और झारखंड के परिवहन मंत्री का करीबी माना जा रहा है, जबकि दिनेश अग्रवाल को झारखंड के एक पूर्व स्वास्थ्य मंत्री का बेहद करीबी माना जाता है।
रांची पुलिस इन दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, बिष्टुपुर थाना में गहमागहमी, पुलिस की चुप्पी बरकरार, इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर बिष्टुपुर थाना में असाधारण हलचल बनी हुई है। पूरे मामले को विनय चौबे के जमीन घोटाले और ट्रांसफर पोस्टिंग स्कैम से जोड़ के देखा जा रहा है, जमशेदपुर सिटी एसपी कुमार शुभाशीष को कई बार थाने में आला अधिकारियों के साथ मंत्रणा करते देखा गया, लेकिन फिलहाल पूरा पुलिस महकमा इस संवेदनशील ऑपरेशन पर चुप्पी साधे हुए है। आधिकारिक तौर पर अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कल की छापेमारी वास्तव में किस एजेंसी ने की थी और इन गिरफ्तारियों का आधार क्या है। पुलिस की यह रहस्यमयी चुप्पी किसी बड़े वित्तीय घोटाले या सिंडिकेट के खुलासे की ओर इशारा कर रही है, जिसके तार काफी ऊंचे स्तर तक जुड़े हो सकते हैं।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनारी स्थित एक फ्लैट में बुधवार की रात को एक बेहद गोपनीय छापेमारी की गई थी, जिसकी खबर आज गुरुवार को बाहर आ रही है। कल हुई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी बरामद की गई है। चर्चा है कि बरामद कैश का आंकड़ा 50 से 100 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि, कल इस रेड को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन आज जमशेदपुर में रांची पुलिस की अचानक बढ़ी सक्रियता ने इस पूरे मामले की गवाही दे रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग और रसूखदारों के कनेक्शन पर नजर
सूत्रों की मानें तो यह पूरा मामला बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और बेहिसाब संपत्ति के अवैध लेन-देन से जुड़ा है। चूंकि हिरासत में लिए गए दिनेश अग्रवाल का सीधा संबंध एक पूर्व कद्दावर मंत्री से बताया जा रहा है, इसलिए इस कार्रवाई के बाद सत्ता गलियारों में भी बेचैनी बढ़ गई है। कल की छापेमारी और आज की इन प्रमुख गिरफ्तारियों को आपस में जोड़कर देखने पर यह साफ होता है कि पुलिस के हाथ कोई बड़ा सुराग लगा है।

फिलहाल, सभी को आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है, जिसके बाद ही इस "गुप्त ऑपरेशन" की पूरी हकीकत सामने आ पाएगी।





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