Jharkhand News: झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, राज्य सरकार ने 41 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को मिड-कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (फेज-III) के लिए चयनित किया है. यह प्रशिक्षण न सिर्फ उनके करियर ग्रोथ बल्कि प्रशासनिक क्षमता को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मसूरी में होगा गहन प्रशिक्षण, नेतृत्व कौशल पर रहेगा फोकस
यह प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में 11 मई 2026 से 5 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा. इस दौरान अधिकारियों को प्रशासनिक निर्णय क्षमता, नीति निर्माण, नेतृत्व कौशल और फील्ड मैनेजमेंट जैसे अहम विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा.
पदोन्नति से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन जरूरी
कार्मिक विभाग के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक ट्रेनिंग नहीं बल्कि अधिकारियों के कैरियर प्रोफाइल का अहम हिस्सा है. इसमें भाग लेना पदोन्नति के लिए अनिवार्य शर्तों में शामिल किया गया है. अधिकारियों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद राज्य सरकार की ओर से औपचारिक अनुमति जारी की जाएगी. इस संबंध में कार्मिक मंत्रालय, भारत सरकार ने राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश भी भेजे हैं.
2015 से 2018 बैच के अधिकारी शामिल, अनुभवी अफसरों को मिलेगा अपडेटेड ट्रेनिंग मॉड्यूल
इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से 2015, 2016, 2017 और 2018 बैच के अधिकारी शामिल हैं. यह वही चरण है, जहां अधिकारियों को उनके फील्ड अनुभव के आधार पर उन्नत प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे उच्च जिम्मेदारियों के लिए तैयार हो सकें.
नामित अधिकारियों की सूची
इस कार्यक्रम के लिए नामित अधिकारियों में धनंजय कुमार सिंह, सीता पुष्पा, विजय कुमार सिन्हा, प्रीति रानी, राजेश प्रसाद, नितिश कुमार सिंह, प्रेरणा दीक्षित, शशि प्रकाश सिंह, उत्कर्ष गुप्ता, हेमंत सती, कुमार ताराचंद, कीर्तिश्री जी., मनीष कुमार, अभिजीत सिन्हा, ऋतुराज, समीरा एस., रवि आनंद और दिनेश कुमार यादव, संदीप सिंह, घोलप रमेश गोरख, शशि रंजन, नैन्सी सहाय, सुशांत गौरव, कुलदीप चौधरी, फैज अक अहमद मुमताज, भोर सिंह यादव, वरुण रंजन, संदीप कुमार, अनन्य मित्तल, आदित्य रंजन, रामनिवास यादव, आर. रॉनिटा, नगन प्रियेश लकड़ा, अंजली यादव, कर्ण सत्यार्थी, मेघा भारद्वाज, गरिमा सिंह, चंदन कुमार, हिमांशु मोहन, विशाल सागर, कंचन सिंह शामिल हैं.
झारखंड सरकार का यह कदम प्रशासनिक ढांचे को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. मिड-कैरियर ट्रेनिंग के जरिए अधिकारियों को न केवल नई चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा, बल्कि राज्य में बेहतर प्रशासनिक परिणाम देने की दिशा भी मजबूत होगी.