Current News : 13 अप्रैल को नोएडा में हुई हिंसक घटना की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में अंतरराज्यीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में झारखंड के हजारीबाग और जमशेदपुर से जुड़े दो युवकों की भूमिका सामने आई है, जिन पर सोशल मीडिया के जरिए माहौल भड़काने का आरोप है।
सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाने और माहौल भड़काने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए मजदूरों को संगठित किया और अलग-अलग ग्रुप बनाकर उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाया। वेतन वृद्धि जैसे मुद्दों को आधार बनाकर पहले विरोध की रणनीति बनाई गई, लेकिन बाद में भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैलाकर भीड़ को उग्र बनाया गया।
जमशेदपुर- हजारीबाग के युवकों के विदेशी कनेक्शन के संकेत, पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क की आशंका
जांच एजेंसियों ने पाया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स से हिंसा के दौरान गलत आंकड़े और भ्रामक जानकारी फैलायी गई। तकनीकी जांच में इन अकाउंट्स के विदेशी लोकेशन, खासकर पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
नोएडा पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के अनुसार, मामले में शामिल संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गतिविधियों की गहन जांच जारी है। कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों की योजना प्रमुख सड़कों को जाम कर औद्योगिक गतिविधियों को बाधित करने की थी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सोशल मीडिया पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।