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  • 2026-04-19

Jharkhand News: झारखंड में मानवता शर्मसार, भूख से जूझते मासूम और ट्राइसाइकिल को तरसता दिव्यांग, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल मदद के आदेश

Jharkhand News: लोहरदगा के रहमत नगर क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है. पिता के निधन के बाद बेसहारा हुए एक परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है. यहां एक मां भूख और कमजोरी के कारण सड़क किनारे बेहोश पड़ी रही, जबकि उसके चार मासूम बच्चे अपनी भूख मिटाने के लिए कचरे के ढेर से खाना ढूंढकर खाने को मजबूर दिखे. इस हृदयविदारक घटना ने स्थानीय प्रशासन की जमीनी सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है.

दस्तावेजों के फेर में फंसी दिव्यांग की मदद, ट्राइसाइकिल का इंतजार
सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ स्थित खाखरो गांव से भी प्रशासनिक संवेदनहीनता का मामला प्रकाश में आया है. यहाँ के निवासी दिलीप कुमार महतो दिव्यांग होने के बावजूद एक अदद ट्राइसाइकिल के लिए तरस रहे हैं. बताया जा रहा है कि केवल “CWSN प्रमाण पत्र” न होने के तकनीकी कारण से उन्हें अब तक यह बुनियादी सुविधा नहीं मिल सकी है. बिना ट्राइसाइकिल के दिलीप की दिनचर्या बेहद कष्टकारी हो गई है. स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि कागजी बाधाओं को दरकिनार कर मानवीय आधार पर उन्हें तत्काल सहायता प्रदान की जाए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, उपायुक्तों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से इन दोनों मामलों की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए तत्काल संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां और लोहरदगा के उपायुक्तों (DC) को टैग करते हुए निर्देश दिया है कि बिना किसी देरी के इन परिवारों तक सरकारी मदद पहुंचाई जाए. उन्होंने स्पष्ट किया है कि कागजी औपचारिकताएं किसी की भूख या जरूरत के आड़े नहीं आनी चाहिए. मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारी अब सक्रिय हो गए हैं.

प्रशासनिक जवाबदेही और सामाजिक सरोकार पर उठते सवाल
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पा रहा है. मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि राज्य में किसी भी जरूरतमंद को योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. लोहरदगा में पीड़ित परिवार को राशन और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठ रही है. वहीं, सरायकेला प्रशासन अब दिलीप महतो के दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल बनाकर उन्हें जल्द ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गया है.
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