Palamu News: पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र में रविवार तड़के वन्य जीवों के पलायन का एक दुखद मामला सामने आया है. भोजन और पानी की तलाश में महुअरी के जंगलों से भटककर 12 हिरणों का एक झुंड शहर के हाई स्कूल मैदान तक आ पहुंचा. इसी दौरान झुंड से बिछड़कर सोनार मोहल्ले की ओर गए एक हिरण को कुत्तों ने घेर लिया. कुत्तों के जानलेवा हमले में हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके जंगलों से बाहर निकलने की समस्या को उजागर कर दिया है.
वन विभाग ने शुरू की पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत हिरण को अपने कब्जे में लिया. प्रभारी वनपाल लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि हिरण का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो पाएगी. वन अधिकारियों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों के भीतर चारे की कमी होने के कारण अक्सर शाकाहारी जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं. विभाग ने दावा किया है कि पूर्वी वन क्षेत्र के नालों और चेक डैम में पानी के इंतजाम किए गए हैं, लेकिन भोजन की तलाश इन्हें बस्तियों तक खींच लाती है.
फसलों के नुकसान से किसान परेशान, सुरक्षा की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिरणों के अलावा नीलगाय और लंगूरों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है. खाने की तलाश में ये जंगली जानवर खेतों में घुस रहे हैं, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जंगली जानवरों को जंगलों तक सीमित रखने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष और बढ़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी घेराबंदी और जंगलों के भीतर पर्याप्त चारा सुनिश्चित करने की मांग की है.
बढ़ती गर्मी और सूखे ने बढ़ाई वन्य जीवों की चुनौती
झारखंड के इस क्षेत्र में बढ़ता तापमान और जलस्रोतों का सूखना वन्य जीवों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. छतरपुर जैसे इलाकों में वन विभाग को अब अतिरिक्त गश्त और निगरानी की जरूरत है ताकि भटककर आबादी में आने वाले जानवरों को कुत्तों या अन्य खतरों से बचाया जा सके. वनपाल लक्ष्मीकांत पांडे ने आश्वासन दिया है कि विभाग स्थिति पर नजर रख रहा है और अन्य हिरणों को सुरक्षित वापस जंगल की ओर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं.