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  • 2026-04-19

Jamshedpur News: टीएमएच में बिल माफी को लेकर बयानबाजी तेज, जनप्रतिनिधियों ने उठाए प्रबंधन पर सवाल

Jamshedpur: टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज से जुड़े बिल माफी के मुद्दे पर अब बयानबाजी तेज हो गई है। जनप्रतिनिधियों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी मामलों में स्वतः राहत दिए जाने का दावा पूरी तरह सही नहीं है। उनका कहना है कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों के परिजनों को राहत दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, तब जाकर बिल माफी संभव हो सकी।

“कई महीनों तक रुकी रही बिल माफी”
जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ समय तक अस्पताल में बिल माफी की प्रक्रिया यह कहकर रोकी गई कि CSR फंड की निर्धारित सीमा पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद कई गंभीर और मानवीय मामलों में हस्तक्षेप कर न सिर्फ बिल माफ करवाया गया, बल्कि शव तक रिलीज कराने की स्थिति भी बनी। उनका कहना है कि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसी परिस्थितियों में जरूरतमंदों की मदद सुनिश्चित की जानी चाहिए, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके लिए प्रयास करना पड़ता है।

CSR जिम्मेदारी का हवाला
बयान में यह भी कहा गया कि यह किसी प्रकार का एहसान नहीं, बल्कि कंपनियों की कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी है। भारत में CSR को Companies Act, 2013 की धारा 135 के तहत अनिवार्य किया गया है, जिसके अनुसार योग्य कंपनियों को अपने पिछले तीन वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2% सामाजिक कार्यों पर खर्च करना होता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जरूरतमंदों को राहत देना उसी दायित्व का हिस्सा है।

टाटा स्टील पर भी उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों ने Tata Steel से जुड़े अस्पताल TMH का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस जमीन पर अस्पताल संचालित हो रहा है, उस पर सरकार को प्रतीकात्मक रूप से बहुत कम टैक्स दिया जाता है। ऐसे में कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वह आम जनता, खासकर गरीब मरीजों के हितों का ध्यान रखे।

“जनता के हक के लिए आवाज उठती रहेगी”
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या प्रबंधन को निशाना बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों को राहत दिलाना है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी जरूरतमंदों को उनका अधिकार नहीं मिलता है, तो जनप्रतिनिधि आवाज उठाते रहेंगे और आवश्यक दबाव बनाकर लोगों को उनका हक दिलाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी संदेश दिया कि उनकी विनम्रता को कमजोरी समझना गलत होगा और जनता के हित में वे आगे भी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
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