Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा (सांद्रा पंचायत) निवासी गोविंद मुंडा की विशाखापट्टनम में रविवार सुबह करीब 9:30 बजे मौत हो गई. रोजगार की तलाश में घर से दूर गए श्रमिक के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गरीबी के कारण परिजन शव को वापस झारखंड लाने में लाचार थे, जिसके बाद यह मामला सरकार के पास पहुंचा.
सोशल मीडिया पर अपील के बाद हरकत में आई सरकार
पूर्व विधायक कुणाल षडंगी ने ट्वीट (X) कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी. उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे शव को विशाखापट्टनम से ला सकें. मुख्यमंत्री ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराने का भरोसा दिया.
सीएम हेमंत सोरेन ने माइग्रेंट सेल को दी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने राज्य के माइग्रेंट सेल को निर्देश दिया है कि वे विशाखापट्टनम प्रशासन से तालमेल बिठाकर पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द झारखंड लाने की प्रक्रिया शुरू करें. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रमिक के शव को ससम्मान उनके पैतृक गांव तक पहुंचाया जाए ताकि अंतिम संस्कार गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.
विशाखापट्टनम प्रशासन से तालमेल में जुटा विभाग
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद राज्य का श्रम विभाग और माइग्रेंट सेल सक्रिय हो गया है. अधिकारी अब कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने और परिवहन की व्यवस्था करने में जुटे हैं. सरकार की इस त्वरित पहल से शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत मिली है और शव को लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.